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जादुई बंदर | Short Moral Story In Hindi | The Magical Monkey

जादुई बंदर | Short Moral Story In Hindi | The Magical Monkey 

Short Moral Story In Hind, Hindi Moral Story

दोस्तों कई बार क्या होता है न कि आप किसी को अपना हुनर(Talent ) बताते हैं लेकिन सामने वाला व्यक्ति आपके हुनर पर ध्यान देने की वजाए आपकी खामियाँ बताने लगता है या आपकी कमियों को आंकने लगता है तो ये Short Moral Story इसी बात पर आधारित है।

एक बार एक राजू नाम का आदमी अपने परिवार के साथ गांव में रहता था। उसके पास एक खेत भी था। परिवार में उसकी पत्नी और एक प्यारा सा बंदर था जो वसंत और गर्मियों में राजू के साथ हर दिन घंटों तालाब में जाता था और मछलियों, पंछियों को पकड़ने का अभ्यास करता था। राजू अपने बंदर को पंछियों का शिकार करना सीखा रहा था था क्योंकि वह चाहता था कि उसका बंदर पूरे गांव में सबसे अच्छा शिकार करने वाला बंदर हो।

राजू गुलेल से उड़ते हुए पंछियों को घायल करता और उनके नीचे गिरने तक अपने बंदर से कहता की जल्दी से घायल पंछी को पकड़ कर ले आओ। 

पतझड़ और सर्दियों का मौसम शुरू होते ही आसमान में पंछियों की तादाद बढ़ जाती है क्योकि अगले एक साल के लिए उन्हें दूसरी जगह घोसला बनाना पड़ता है। एक दिन राजू और उसका बंदर अपने घर के पास तालाब में अपने नियमित स्थान पर पंछियों का इंतजार कर रहे थे। केवल कुछ ही मिनट बीतने से पहले दोनों ने बत्तखों के पहले समूह को ऊपर से उड़ते हुए देखा। राजू ने धीरे से अपनी गुलेल उठाई और एक बतख को घायल कर दिया जिससे वह तालाब के पानी में जा गिरा। 

जैसे ही बतख नीचे गिरने लगा बैसे ही राजू ने अपने बंदर को इशारा कर दिया, बंदर तुरंत तालाब की ओर दौड़ा और बतख को पकड़ने के लिए पानी में कूद गया फिर राजू ने जो देखा उसे देख कर वह अपनी आखों पर विश्वास नहीं कर पा रहा था, राजू चकित रह गया। उसके बंदर में पानी पर चलने की अद्भुत क्षमता थी - यह जादू जैसा था। राजू जानता था कि कोई भी इस अद्भुत घटना पर कभी विश्वास नहीं करेगा जो उसने अभी-अभी देखी है। बंदर ने चुपचाप बतख लाकर राजू को दे दी। इस अविश्वसनीय घटना को देखने के लिए उसे किसी और को वहां ले जाना पड़ता।

राजू अपने घर के पास के एक किसान के घर गया और पूछा कि क्या वह अगली सुबह उसके साथ शिकार करने चलेगा? पड़ोसी सहमत हो गया, और अगली सुबह राजू से तालाब के किनारे उसके नियमित स्थान पर मिला।

अब तीनों धैर्यपूर्वक बत्तखों के एक झुंड के ऊपर उड़ने का इंतजार कर रहे थे, और जल्द ही, उन्होंने उन्हें आते हुए देखा। जैसे ही राजू ने आगे बढ़ कर एक बतख की ओर गुलेल चलाई, बतख घायल होकर तालाब में जा गिरा। ठीक एक दिन पहले की तरह, राजू ने अपने बंदर को बत्तख को लाने का इशारा किया। चमत्कारिक रूप से, बंदर बतख को पकड़ने के लिए फिर से पानी पर चला गया।

फूटा हुआ मटका - Short Moral Story In Hindi

राजू गर्व से फूट रहा था और अपने आप को मुश्किल से रोक सका जब उसने अपने पड़ोसी से पूछा, “क्या तुमने यह अद्भुद घटना देखी ? तुम्हारा क्या कहना है इस बारे में ?!"

पड़ोसी ने जवाब दिया, "मैं कुछ नहीं कहने वाला था, लेकिन तुम्हारा बंदर तो तैरना भी नहीं जानता और तुम ऐसे अद्भुद कह रहे हो!"  

यह सुन कर राजू के चकित रह गया, राजू अविश्वास में बैठा था क्योंकि उसके पड़ोसी ने उसने बंदर के हुनर को पहचानने के बजाय उसकी की एक संभावित खामी की ओर इशारा किया कि उसके बंदर ने जो किया वह एक चमत्कार नहीं था।

तो देखा दोस्तों आपने, लोग अक्सर दूसरों की क्षमताओं या उपलब्धियों को कम आंकते हैं क्योंकि वे एक ही चीज़ को देखते हैं की आपने क्या गलती की है या आपमें क्या कमियां हैं भले ही वह व्यक्ति खुद कुछ नहीं केर रहा है अपने जीवन में लेकिन वह आपको आपकी खामियां जरूर गिनवाएँगे। 

उन्हें अपने ऊपर हावी मत होने दें बस आगे बढ़ें और खुद को बेहतर बनाने के लिए काम करते रहें। सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना सफल होने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

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