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Short love story in hindi|दिल की बातें| hindi love story

दिल की बातें|short love story in hindi|-

Short love story,short love story in hindi

दोस्तों इस hindi love story में दो लड़का लड़की हैं जो बहुत अच्छे दोस्त रहते हैं।लड़का लड़की को रोज एक शायरी लिखकर भेजता है और लड़की को उसकी शायरियाँ बहुत पसंद आती हैं और इसी तरह उनकी दोस्ती प्यार में बदल जाती है।तो चलिए बढ़ते हैं कहानी की ओर-

अदित्य को आज पहली बार अपनी shop पर जाने में देरी हो गई थी।shop घर से थोड़ी ही दूरी पर थी इसलिये अदित्य bike की जगह साईकल से जाना पसंद करता था।
अकांछा को भी आज liberary जाने में देरी हो गई थी इसलिये वह time पर पहुचने के लिये scooty बहुत तेजी से चला रही थी।इधर अदित्य भी अपनी साईकल बहुत तेजी से चला रहा था और अचानक एक मोड़ पर दोनों टकरा गए।अदित्य की साईकल अकांछा की scooty से टकरा गई और अकांछा की सारी books नीचे गिर गईं लेकिन अच्छी बात ये थी की इस एक्सीडेंट में किसी को कोई नुकसान नही हुआ।दोनों एक दूसरे से sorry-sorry कहने लगे।अदित्य अकांछा की books उठाने में मदद करने लगा औऱ अकांछा के sorry बोलने पर उसने कहा कि "आप क्यों sorry बोल रही हो गलती मेरी है मैं बहुत तेजी से आ रहा था।"
अकांछा-"नहीं,गलती मेरी है मैं बहुत तेजी से scooty चला रही थी।"
अदित्य-चलिये आपने मुझसे sorry बोल दिया मैने आपसे sorry बोल दिया अब दोनों का हिसाब बराबर।
वैसे आप इतनी जल्दी में कहाँ जा रही थीं?
अकांछा-ओ हाँ, मैं तो भूल ही गई मुझे liberary जाना है।
इतना कह कर अकांछा चली गई और फिर अदित्य भी अपनी candy shop पर चल गया।
अगले दिन जब अदित्य अपनी shop पर जा रहा था तो उसी समय अकांछा का भी आना हुआ।
अदित्य-hii!
आकांक्षा-hlw, sorry मैं कल थोड़ा जल्दी में थी।
अदित्य-मैं भी कल जल्दी में था by the way मेरा नाम अदित्य है।
अकांछा-मेरा नाम अकांछा है।
अदित्य-अकांछा,वो कल के accident के बाद मुझे बहुत बुरा लगा इसलिए मैं तुम्हारे लिये ये कुछ candy लाया हूँ।
अकांछा-candy के लिये थैंक्स लेकिन तुम कल इतनी जल्दी में कहाँ जा रहे थे?
अदित्य-वो मेरी एक candy shop है तो मुझे shop पर जाने में कल थोड़ा late हो गया था इसलिए मैं तेजी से साईकल चला रहा था और तुम कल कुछ liberary के बारे में बोल रही थी।
अकांछा-हाँ, मुझे कल liberary जाने में देरी हो गई थी इसलिए मैं कल ज्यादा कुछ कह नही पाई।वैसे मैं एक writer हूँ तो मुझे liberary में जाकर लिखना अच्छा लगता है।

इसी तरह दोनों की बात होने लगी और दोनों अच्छे दोस्त बन गए। दोनों शाम को मिलते और पूरे दिन क्या-क्या किया सारी बातें शेयर करते और अदित्य रोज अकांछा के लिए अलग-अलग candy लाता और अकांछा अपने द्वारा लिखी गईं पुस्तकों का सार उसे बताती।अदित्य को अकांछा के साथ वक्त बिताना बहुत अच्छा लगने लगा था।
एक दिन बातों-बातों में अदित्य ने यह पता करने के लिये की अकांछा का कोई बॉयफ्रेंड है कि नही,अकांछा से पूछा की "अगर कभी तुम्हारी मम्मी ने तुम्हें अपने बॉयफ्रेंड के साथ बात करते हुए पकड़ लिया तो तुम क्या करोगी?" तभी अकांछा ने हँसते हुए जवाब दिया कि "मेरा कोई बॉयफ्रेंड नही है तो मुझे इस बात की फिक्र करने की कोई जरूरत नही।" इससे अदित्य को ये मालूम पड़ गया था कि अकांछा का कोई बॉयफ्रेंड नही है।अब अदित्य अकांछा को बहुत पसंद करने लगा था।
फिर एक दिन बातो-बातों में chat पर अकांछा ने अदित्य से एक बात पूछी की "प्यार और दोस्ती के बारे में तुम्हारी क्या राय है?"
तो प्यार और दोस्ती को बयां करते हुए एक शायरी के तौर पर अदित्य ने जवाब दिया कि-
"सूरज वो जो पूरे दिन आसमान का साथ दे
चाँद वो जो रात भर तारों का साथ दे
प्यार वो जो ज़िंदगी भर साथ दे
और दोस्ती वो जो पल पल साथ दे।"
इस शायरी को पढ़ने के बाद अकांछा ने अदित्य की तारीफ करते हुए कहा-"वाह अदित्य तुम तो बहुत अच्छी शायरी लिखते हो।" अदित्य ने कहा कि एक शायरी उसने अकांछा के लिए भी लिखी है-
"मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता
कुछ रिश्तो का कोई तोल नहीं होता
वैसे लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर
पर कोई आप की तरह अनमोल नहीं होता।"
अकांछा को इस बात की बहुत खुशी थी कि अदित्य सारी शायरियाँ खुद लिखता है और फिर अदित्य रोज अकांछा के लिए शायरियाँ लिखता और रोज उसे एक एक शायरी भेजता,अकांछा को भी अदित्य की सारी शायरियाँ बहुत पसंद आती।
एक दिन अकांछा ने सोचा,"क्यों न अदित्य की सारी शायरियों की एक book बनाई जाए" अकांछा ने अदित्य की सारी शायरियों को इखट्टा किया,जो अदित्य ने उसके लिखी थीं और एक book बनाई औऱ उसे publish(प्रकाशित) कर दी और देखते ही देखते वह book बहुत लोगों को पसंद आई।जब ये बात अकांछा ने अदित्य को बताई तो अदित्य थोड़ा उदास हो गया।

अकांछा-तुम उदास क्यों हो,ये तो बहुत अच्छी बात है न कि तुम्हारी शायरियाँ इतने लोगों को पसंद आई और अब तो तुम एक writer भी बन सकते हो।
अदित्य-वो बात नहीं है,मुझे बुरा इस लिये लगा क्योंकि मैंने वो सारी शायरियाँ सिर्फ तुम्हारे लिए लिखी थीं न कि एक book बनाने के लिए।
अकांछा-मुझे पता है कि ये सारी शायरियाँ तुमने मेरे लिए लिखी थीं औऱ वो शायरियाँ मुझे इतनी अच्छी लगी कि मैने उनकी एक book बना कर publish कर दी और सबसे important बात तो यह है कि जिस तरह तुमने मुझसे अपने प्यार का इजहार शायरियों में किया है उसी तरह कई और लोग भी तुम्हारी शायरियों की मदद से अपने प्यार का इजहार कर सकते हैं।
अदित्य-एक मिनट,तुमसे किसने कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ?
अकांछा-अदित्य शायद तुम भूल रहे हो कि मैं एक writer हूँ औऱ एक writer किसी के लेख के द्वारा उसकी भावनाओं को समझ सकता है और तुम्हारी शायरियों के अंदर मेरे लिए तुम्हारी जो feelings थीं वो मैं समझ गई थी।
अदित्य-मतलब तुम्हें इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ?
अकांछा-मुझे कोई परेशानी नही है बल्कि मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।
ये सुन कर तो मानो अदित्य ख़ुशी से पागल ही हो गया था कि अकांछा भी उससे बहुत प्यार करती है और इस तरह उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।धीरे-धीरे दोनों ने आगे भी बहुत सारी पुस्तकें लिखीं और उनकी सारी पुस्तकें बहुत लोगों को पसंद आई।

तो दोस्तों हमारी आज की कहानी यहीं पर खत्म होती है तो अब मिलते हैं किसी नई कहानी के साथ और अगर आपको ये short hindi love story पसंद आई है तो comment करके जरूर बताना और नीचे दी गई कहानियों को भी जरूर पढ़ना-

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